सागापाली, गाजीपुर : सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल, सागापाली में हिंदी दिवस के अवसर पर प्रार्थना सभा में हिंदी भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध विरासत एवं भारतीय संस्कृति में उसके योगदान को रेखांकित करने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदी शिक्षक श्री दुर्गेश सिंह ने कहा कि, “हिंदी हमारी सभ्यता, संस्कृति और पहचान है। यह माता की तरह हमारा पालन-पोषण करती है। हम कितने भी आधुनिक क्यों न हो जाएं, हिंदी हमारी पहचान बनी रहेगी।”
विद्यालय की अध्यापिका श्रीमती किरन यादव ने भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रसिद्ध पंक्ति “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल” का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी मातृभाषा हिंदी का सम्मान करना चाहिए और उसके विकास में अपना योगदान देना चाहिए।
इसके पश्चात कक्षा 9 की छात्रा आँचल ने अपने प्रेरणादायी भाषण के माध्यम से हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी का सम्मान करने तथा दैनिक जीवन में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। अपने भाषण का समापन उन्होंने “हिंदी हैं हम, वतन है हिंदुस्तान हमारा” की भावपूर्ण पंक्तियों के साथ किया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधक एवं प्रख्यात कवयित्री-लेखिका श्रीमती सुमन सिंह ने अपने विशेष संदेश में कहा कि हमारा विद्यालय अंग्रेजी शिक्षा के साथ-साथ हिंदी भाषा एवं साहित्य को भी समान महत्व देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के संवैधानिक इतिहास तथा समृद्ध साहित्यिक परंपरा से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम ही नहीं, बल्कि संचार, विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में भी इसकी अपार संभावनाएं हैं। विद्यार्थियों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं के ज्ञान को समान महत्व देना चाहिए।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री ए. एन. उपाध्याय ने सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि विभिन्न धर्मों, समुदायों एवं संस्कृतियों को जोड़ने वाला एक मजबूत सेतु है। उन्होंने कहा कि हिंदी ने अपने समृद्ध साहित्य और सिनेमा के माध्यम से दुनिया के अनेक देशों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
प्रधानाचार्य ने आधुनिक हिंदी साहित्य में सत्यदेव ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के मुख्य प्रबंध निदेशक प्रो. आनंद सिंह जी की महाकाव्य ‘अथर्वा’ के महत्वपूर्ण योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसी साहित्यिक कृतियां हिंदी की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम का उत्कृष्ट संचालन कक्षा 9 की छात्रा परी सिंह ने किया। अंत में प्रधानाचार्य ने हिंदी दिवस के सुंदर आयोजन के लिए विद्यार्थियों एवं संबंधित शिक्षकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।


