रसड़ा (बलिया) : नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर, अखनपूरा में पंचपदी शिक्षण पद्धति पर आधारित पाठ योजना निर्माण एवं शैक्षणिक तकनीकी संवर्धन विषयक तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में विभिन्न सरस्वती विद्या मंदिरों एवं अन्य विद्यालयों के शिक्षकों ने सहभागिता कर आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और तकनीकी नवाचारों की जानकारी प्राप्त की।
उद्घाटन सत्र में प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख गोविंद सिंह ने कहा कि पंचपदी शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों में जिज्ञासा, चिंतन, आत्मविश्वास तथा व्यवहारिक ज्ञान विकसित करने की प्रभावी प्रणाली है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप आधुनिक तकनीक और भारतीय शिक्षण परंपरा के समन्वय पर बल दिया।
प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पांडे ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिक्षकों के शिक्षण कौशल को समयानुकूल बनाते हैं। वहीं मानबहादुर सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने नवाचार आधारित शिक्षण को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर देवेंद्र मिश्रा, कमलेश मिश्रा, उज्ज्वल वर्मा एवं संगीता सिंह ने पंचपदी शिक्षण पद्धति, प्रभावी पाठ योजना निर्माण, शैक्षणिक तकनीकी संवर्धन तथा डिजिटल संसाधनों के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
समापन सत्र में विभाग प्रचारक अंबेश जी ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं और शिक्षा का उद्देश्य संस्कारवान, चरित्रवान एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना है। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने विद्यालयों में सीखी गई शिक्षण विधियों के प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया।


