सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल में प्रातःकालीन सभा के दौरान डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बाबा साहेब के महान विचारों, संघर्षपूर्ण जीवन और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान से अवगत कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से विद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्रसेन तिवारी और उप प्रधानाचार्य आवेश कुमार द्वारा दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर की गई, जो ज्ञान और सकारात्मकता के प्रकाश का प्रतीक है।
इस अवसर पर कक्षा 7 के विद्यार्थियों ने बाबा साहेब के जीवन और उनके विचारों पर आधारित एक सुंदर नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से बाबा साहेब के जीवन संघर्ष, शिक्षा के प्रति उनके समर्पण तथा समाज में समानता और न्याय स्थापित करने के उनके प्रयासों को बहुत ही प्रभावशाली ढंग से दर्शाया। उनकी प्रस्तुति ने सभी उपस्थित लोगों को अत्यंत प्रभावित किया।
इसके बाद छात्र कृष मिश्रा ने बाबा साहेब के जीवन और उनके आदर्शों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए जो कार्य किए, वे आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
इस अवसर पर हिंदी शिक्षक विशेश्वर तिवारी ने भी बाबा साहेब के सम्मान में कुछ प्रेरणादायक पंक्तियाँ प्रस्तुत कीं और विद्यार्थियों को उनके बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री चंद्रसेन तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंग्रेजों से आजादी तो क्रांतिकारियों ने दिलाया लेकिन आजाद भारत के आंतरिक जड़ में स्थापित जातिवाद और छुआछूत से आजादी भारत के महानायक डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने ही दिलाया। बाबा साहेब का जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर महान लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कक्षा 7 वीं के विद्यार्थियों की सुंदर प्रस्तुति की सराहना करते हुए सभी विद्यार्थियों को बाबा साहेब के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। अंत में उन्होंने प्रीतिमा कुशवाहा, अवनीश राय, अमित सिंह, शुभम आर्य,अभिमन्यु यादव, अलका राय, जूही समेत सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी गण को सफल कार्यक्रम के लिए धन्यवाद प्रेषित किये।
इस प्रकार यह कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक रहा, जिसने सभी को बाबा साहेब के महान विचारों को याद करने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

