गाजीपुर जिले के कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र के अभिसहन गांव में एक युवक ने दबंगों द्वारा जातिसूचक गालियां देने, मारपीट करने और हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित नीतीश कुमार (पुत्र रामाशीष राम) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह अपने दोस्त राजकुमार (पुत्र शिवचंद्र राम) के साथ अभिसहन बाजार गया था। बाजार में भीषण जाम लगा हुआ था, जिसमें नीतीश की बाइक के आगे बिशु सिंह की बाइक थी, जिस पर जसवंत सिंह सवार थे। उनके आगे एक चारपहिया वाहन में बिशु सिंह के अन्य दोस्त मौजूद थे।
जाम के दौरान आगे-पीछे होने की वजह से बिशु सिंह की बाइक नीतीश की बाइक से टकरा गई। इस मामूली टक्कर के बाद बिशु सिंह ने पहचानते ही अभद्र भाषा और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। जब नीतीश और उसके दोस्त राजकुमार ने इसका विरोध किया तो बिशु और जसवंत सिंह ने मिलकर उनकी बाइक की चाबी छीन ली और उन्हें अपमानित करने लगे।
मारपीट और जानलेवा हमला
कुछ देर बाद बिशु सिंह ने अपने दोस्तों को मौके पर बुला लिया, जिसमें सत्यम सिंह, रणधीर सिंह, गोलू सिंह और अन्य साथी शामिल थे। इन सभी ने मिलकर नीतीश और राजकुमार पर हमला कर दिया। इस दौरान राजकुमार के गर्दन पर धारदार हथियार से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
हमलावरों ने दोनों युवकों को बेरहमी से पीटा और जातिसूचक गालियां देते रहे। इसके बाद दबंगों ने असलहा (हथियार) दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
घटना के बाद पीड़ित ने कासिमाबाद कोतवाली पहुंचकर दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बिशु सिंह, जसवंत सिंह, रणधीर सिंह, गोलू सिंह और सत्यम सिंह समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
