जनपद मऊ, रतनपुरा क्षेत्र के ग्राम सभा मलपुर-लोहराई में सरकार की मनरेगा जैसी योजना से मनरेगा मजदूरों को वहां के ग्राम प्रधान व सचिव के द्वारा उनको मनरेगा के कार्यों से वंचित रखा जा रहा है और अमृत सरोवर योजना के के तहत हो रहे तालाबों के के निर्माण को अत्याधुनिक मशीनों जैसे जेसीबी के द्वारा कराया जा रहा है। जिस जिस मनरेगा मजदूरों को उनके हक से वंचित रखकर, उनके अधिकारों को छीना जा रहा है।
दूसरी तरफ सरकार मनरेगा जैसी योजनाओं पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है तो वहीं दूसरी ओर सरकार के अधिकारी इन योजनाओं को पलीता लगाने का काम कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में जल संरक्षण के उद्देश्य से शुरू की गई अमृत सरोवर योजना में भी भ्रष्टाचार का खेल खेला जाने लगा है।
योजना के मुताबिक, तालाबों के सुंदरीकरण का कार्य मनरेगा मजदूरों के हाथों करवाया जाना था, लेकिन विकासखंड रतनपुरा के ग्राम पंचायत मलपुर-लोहराई में प्रधान द्वारा श्रमिकों का हक मारा जा रहा है। ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव ने मनमानी करते हुए अमृत सरोवर की खुदाई दिनांक 25/12/2024 की रात को JCB से तालाब की खुदाई करवा दी,जिससे वहा 3 से 4 पेड़ जो अति पुराने हैँ उसको भी गिरा दिया गया जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया।
अगर यह काम श्रमिकों से करवाया जाता तो बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार मिल सकता था। नियमानुसार मनरेगा के कार्य केवल श्रमिकों से ही करवाए जा सकते हैं। अगर कोई मशीनरी या जेसीबी का उपयोग कर श्रमिकों को रोजगार से वंचित करता है तो उस पर कानूनी कार्यवाही की जाती है।
